पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली को राज्य का ब्रांड एंबेसडर घोषित कर दिया है। उनका ये फैसला इस समय बीजेपी के लिए भी बड़ा झटका साबित हो सकता है। झटका इसलिए क्योंकि बीजेपी लंबे समय से इस कोशिश में लगी है कि गांगुली को पार्टी में शामिल किया जाए। कई मुलाकातें भी हुई हैं, अटकलें भी रही हैं, लेकिन जमीन पर कभी भी ऐसा होता नहीं दिखा।
अब उसी बीच सीएम ममता बनर्जी का सौरव गांगुली को ब्रांड एंबेसडर घोषित करना मायने रखता है। ये नहीं भूलना चाहिए कि टीएमसी भी गांगुली को राजनीति में लाने की कोशिश में लंबे समय से लगी हुई है। खुद पूर्व कप्तान ने ऐसी दिचलस्पी नहीं दिखाई है, लेकिन लगातार उनकी बढ़ती सक्रियता ने कई तरह की अटकलों को हवा देने का काम तो कर ही दिया है। उसी कड़ी में ये ब्रांड एंबेसडर बनना भी गिना जा रहा है।
जानकारी के लिए बता दें कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ये बड़ा ऐलान बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट में किया है। उनकी तरफ से कहा गया है कि सौरव गांगुली ने युवाओं के बीच में काफी लोकप्रिय हैं। मैं चाहती हूं कि वे इस जिम्मेदारी को स्वीकार करें और ना नहीं बोले। अभी के लिए गांगुली ने इस जिम्मेदारी को स्वीकार जरूर कर लिया है, लेकिन उनकी तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन राजनीतिक जानकारों ने इसके सियासी मायने निकालने शुरू कर दिए हैं।