हरियाणा में लोकसभा चुनाव के बाद विधानसभा का चुनाव होना है। इसी वजह से राज्य में सियासी सरगर्मियां तेज हैं। शुक्रवार को इंडिया गठबंधन का हिस्सा आम आदमी पार्टी ने राज्य की सभी 10 लोकसभा सीटों के लिए इंचार्ज की घोषणा कर दी। जिन नेताओं को हरियाणा की 10 लोकसभा सीटों का इंचार्ज बनाया गया है, वे सभी पंजाब की भगवंत मान सरकार में मंत्री हैं।
पंजाब के पड़ोसी राज्य हरियाणा में पैठ बनाने की कोशिश कर रही आम आदमी पार्टी ने राज्य में विधानसभा चुनाव के लिए भी अभी से ही सभी 90 सीटों के लिए इंचार्ज की घोषणा भी कर दी है। जिन नेताओं को विधानसभा चुनाव के लिए इंचार्ज बनाया गया है, उनमें से कई पंजाब सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार, 90 में से कम से कम 70 इंचार्ज पंजाब में विभिन्न बोर्ड्स और कॉरपोरेशन में चेयरपर्सन हैं।
आम आदमी पार्टी ने कैबिनेट मिनिस्टर हरपाल सिंह चीमा को सोनीपत, बलजिंदर कौर को हिसार, चेतन सिंह को कुरुक्षेत्र, हरभजन सिंह को करनाल, कुलदीप सिंह धालीवाल को रोहतक, अनमोल गगन मान को अंबाला, ब्रह्म शंकर जिम्पा को फरीदाबाद, ललजीत सिंह भुल्लर को भिवानी-महेंद्रगढ़, लाल चंद को गुरुग्राम और बलकार सिंह को सिरसा का इंचार्ज बनाया है।
हरियाणा में आम आदमी पार्टी के उपाध्या अनुराग ढांडा ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा कि पार्टी ने हरियाणा की सीटों के लिए उन नेताओं को इंचार्ज नियुक्त किया है जिन्होंने पंजाब में पार्टी संगठन के लिए शानदार काम किया है। इस कदम से हरियाणा में पार्टी कार्यकर्ताओं को यह संदेश जाएगा कि जो लोग सामान्य परिवारों से हैं उन्हें भी बड़ी जिम्मेदारियां मिलती हैं। यह कार्यकर्ताओं को कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित करेगा।
हरियाणा में आम आदमी पार्टी की अभी कोई खास मौजूदगी नहीं है। यह पंजाब और दिल्ली के बीच बसा राज्य है, इन दोनों ही राज्यों में आम आदमी पार्टी की सरकार है। राज्य में क्योंकि लोकसभा चुनाव के बाद विधानसभा का चुनाव होना है, इसलिए अरविंद केजरीवाल की पार्टी ने राज्य में अपना कैडर बेस बढ़ाने के लिए कई प्लान बनाए हैं।
अनुराग ढांडा ने कहा कि मंत्रियों की प्रोफाइल से संसदीय क्षेत्रों के बड़े क्षेत्रों में पार्टी को फायदा मिलता है। इनके इंचार्ज नियुक्त होने से पार्टी पंजाब में किए गए कार्यों को भी हरियाणा की जनता तक पहुंचा सकेगी। इंडिया अलायंस की पार्टियों संभावित गठबंधन के सवाल पर वो कहते हैं कि इस बारे में फैसला पार्टी का शीर्ष नेतृत्व लेगा। उन्होंने करीब 15 दिन पहले कहा था कि हरियाणा में आम आदमी पार्टी अपने दम पर लोकसभा चुनाव लड़ेगी। उन्होंने यह भी कहा था कि लोकसभा चुनाव के लिए किसी से कोई सीट शेयरिंग नहीं की जाएगी।