गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले में कई गांवों को जोड़ने वाला एक पुल गिर गया। इसके गिर जाने से वहां मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई और 10 लोगों के नदी में डूबने की आशंका है। हालांकि स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 6 लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया है, जबकि चार लोगों को रेस्क्यू करने का काम जारी है।
जिन घायलों को रेस्क्यू किया गया है उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मौके पर स्थानीय पुलिस और राहत बचाव कार्य की टीम मौजूद है। बचाव अभियान जारी है। लोगों के अनुसार जब यह पुल गिरा उसे दौरान दो बाइक और एक डंपर वहां से गुजर रहे थे। पुल के अचानक गिरने से वे लोग नदी में डूब गए। जैसे ही पुल गिरा, तुरंत वहां पर भारी भीड़ इकट्ठा हो गई और जैसे बन सका वैसे उन्होंने बचाव कार्य में मदद की। मौके पर तुरंत राहत बचाव कार्य की टीम में भी पहुंच गई, जो रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई है।
वहीं स्थानीय लोग इस मामले की जांच की मांग कर रहे हैं। दरअसल लोगों का कहना है कि वह काफी समय से नया पुल बनाने की मांग कर रहे थे, लेकिन प्रशासन उनकी सुन नहीं रहा था। लोगों ने आरोप लगाया है कि पुल की मरम्मत भी नहीं की गई, जिसके कारण पुल टूटा है। बता दें कि यह पुल करीब 58 साल पुराना है और इसकी लंबाई 40 मीटर है। यह पुल कई गांवों को जोड़ता है और इसका निर्माण 1965 में हुआ था।
बता दें कि गुजरात में पिछले साल 30 अक्टूबर को मोरबी में एक पुल गिर गया था। इस हादसे में 135 लोगों की जान चली गई थी। यह पुल मच्छु नदी पर स्थित था और इसे 1887 में बनाया गया था। 30 अक्टूबर की शाम पुल के आधे तार टूट गए, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ था।
इसके बाद एसआईटी की एक जांच गठित हुई थी और उसमें पाया गया था कि पुल को बनाने में 49 तारों का उपयोग हुआ था, जिसमें से 22 में जंग लगा हुआ था। SIT की रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि 27 तार हादसे में टूटे होंगे। इस पुल को मार्च 2022 में नवीनीकरण के लिए बंद किया गया था, लेकिन 26 अक्टूबर को बिना अनुमति के खोल दिया गया। जब पुल गिरा उसे दौरान उस पर 300 से अधिक लोग मौजूद थे और सभी नदी में गिर गए और 135 लोगों की जान चली गई थी।