विदेश जाने के लिए भारतीयों का आकर्षण जारी है। यूनाइटेड किंगडम द्वारा जारी किए जाने वाले सभी वीजा में भारतीयों को देने वाले वीजा की संख्या लगभग एक तिहाई है। जिसके बाद भारतीय UK के लिए सबसे अधिक वीजा पाने वाले बन गए हैं, वहीं चीनी 13% वीजा के साथ दूसरे स्थान पर हैं।
यूके वीजा की मांग को देखते हुए वीएफएस ग्लोबल का कहना है कि वह केवल UK के लिए प्रयागराज, भुवनेश्वर, कालीकट, देहरादून, इंदौर और ठाणे जैसे कई टू टियर शहरों में अस्थायी केंद्र खोलने जा रहा है। दुनियाभर के यात्रियों के लिए एक लोकप्रिय डेस्टिनेशन यूके ने 2023 में 18 लाख से अधिक विजिटर वीजा दिए। यूके सरकार के आंकड़ों के अनुसार, 2022 की तुलना में यह संख्या लगभग दोगुनी (96% अधिक) है।
जून 2023 को समाप्त होने वाले वर्ष में, भारतीय नागरिकों को दिए गए आगंतुक वीज़ा का अनुपात सबसे अधिक (30%) था, इसके बाद चीनी नागरिकों (13%), नाइजीरियाई नागरिकों (6%) और तुर्की नागरिकों (6%) का स्थान था।
ब्रिटेन द्वारा जारी किए गए कुल वीज़ा में से लगभग एक तिहाई भारतीय हैं। वीएफएस ग्लोबल की योजना प्रयागराज, भुवनेश्वर, कालीकट, देहरादून, इंदौर और ठाणे में अस्थायी केंद्र खोलने की है। नाइजीरियाई और तुर्की नागरिक भी यूके आगंतुक वीजा सूची में शामिल हैं। नए केंद्र आवेदकों को महानगरों की यात्रा करने और उच्च आवेदन शुल्क का भुगतान करने से बचाएंगे। ब्रिटेन और कनाडा कोविड महामारी के बाद भारतीयों के लिए वीज़ा प्रोसेसिंग में तेजी लाने वालों में से थे। वीएफएस ग्लोबल को 2024 में विभिन्न देशों में वीसीएएस केंद्र तैनात करने के लिए ग्लोबल कांट्रैक्ट दिया गया है।