मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में मोहन यादव ने शपथ ले ली है। मोहन यादव के साथ जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ला ने उप मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। हालांकि आज केवल मोहन यादव, जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ला ने ही शपथ ली। मंत्रिमंडल विस्तार बाद में किया जाएगा। मध्य प्रदेश में करीब 35 मंत्री शपथ ले सकते हैं। कई विधायकों ने मंत्री बनने के लिए प्रयास करना शुरू कर दिया है।
माना जा रहा है कि इस बार जातिगत समीकरणों को साधते हुए कई नए चेहरे को मौका दिया जा सकता है। मंत्रिमंडल में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को भी जगह मिल सकती है। कैलाश विजयवर्गीय, रीति पाठक, प्रहलाद सिंह पटेल जैसे दिग्गज नेताओं को अहम मंत्रालय मिल सकता है। तो वहीं सिंधिया समर्थकों को भी मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है।
सिंधिया समर्थकों में प्रद्युमन सिंह तोमर, एंदलसिंह कसाना, प्रभु राम चौधरी को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। वहीं शिवराज चौहान सरकार में मंत्री रहे हरदीप डांग, तुलसी सिलावट को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। पार्टी दलित और कई ओबीसी चेहरों को मंत्री बना सकती है।
युवा चेहरों में नारायण सिंह पवार, अरुण भीमावद, राजेश सोनकर, आशीष शर्मा और विजय शाह को भी पार्टी मंत्री पद दे सकती है। अर्चना चिटनीस को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। अर्चना आरएसएस की पसंद हैं।
मोहन यादव ने दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इस शपथग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए। इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, नितिन गडकरी, पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। साथ ही बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री भी शपथ ग्रहण में शामिल हुए।
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नए मुख्यमंत्री मोहन यादव को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है नवनियुक्त मुख्यमंत्री राज्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।