संसद में कार्यवाही के दौरान बड़ी चूक सामने आई है। दरअसल, नई संसद के अंदर दो संदिग्ध घुस आए और कार्यवाही के दौरान उन्होंने दर्शक दीर्घा से छलांग लगाई। संसद का वीडियो सामने आया है जिसमें उन्हें एक टेबल से दूसरे टेबल पर कूदते हुए देखा जा सकता है। वे चारों तरफ देख रहे हैं। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, दोनों मैसूर से बीजेपी सांसद प्रताप सिम्हा के रेफरेंस से अंदर आए थे। बीजेपी सांसद के रेफरेंस से ही दोनों का पास बना था। इसे सुरक्षा में बड़ी चूक मानी जा रही है।
दोनों के कूदने के बाद संसद में हंगामा मच गया। वहां मौजूद सांसदों ने उन्हें पकड़ने की कोशिश की। वीडियो में पकड़ो-पकड़ो की आवाज सुनाई दे रही है। इस घटना के बाद से ही संसद की कार्यवाही दो बजे तक के लिए तुंरत स्थगित कर दी गई। फिलहाल सुरक्षाकर्मियों ने दोनों को हिरासत में ले लिया है। एक का नाम सागर बताया जा रहा है। मामले में सांसद दानिश अली ने बताया कि दोनों संदिग्ध मैसूर से बीजेपी सांसद प्रताप सिम्हा के नाम पर लोकसभा विजिटर पास से अंदर आए थे।
वीडियो में देखा जा सकता है संसद में चारों तरफ धुंआ फैला हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, आरोपियों ने जब जूता खोला तो उसमें से धुंआ निकलने लगा। दोनों के पास गैस जैसी कोई चीज थी। उन्होंने उसे जूतों में छिपा रखा था। उन्होंने उसे निकालकर स्प्रे कर दिया। वह जूतों से संसद में फैल गया। पुलिस दोनों आरोपियों को थाने लेकर गई है और उनसे पूछताछ कर रही है। वे कौन हैं, कहां के रहने वाले हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर उनका इरादा क्या था?
घटना के बाद सदन के अंदर मौजूद सदस्यों ने मीडिया से बताया कि वे ‘ताना शाही नहीं चलेगी’ जैसे नारे लगा रहे थे। मामले पर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि दो युवक गैलरी से कूद गए और उन्होंने कुछ फेंका गया जिससे गैस निकल रही थी। दोनों को पकड़ लिया गया।
वहीं कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा कि कनस्तरों से पीला धुआं निकल रहा था। उन्होंने कहा कि यह जहरीला हो सकता है। अचानक 20 साल के दो युवक दर्शक दीर्घा से सदन में कूद गए। उनके हाथ में कनस्तर थे। इन कनस्तरों से पीला धुआं निकल रहा था। उनमें से एक अध्यक्ष की कुर्सी की तरफ जाने की कोशिश कर रहा था। वे नारे लगा रहे थे। यह सुरक्षा में भारी चूक है। खासकर 13 दिसंबर को…इसी दिन 2001 में संसद पर हमला हुआ था।
बता दें कि इस घटना के थोड़ी देर पहले ही संसद के बाहर दो लोगों ने नारेबाजी की। वे ‘तानाशाही नहीं चलेगी’ के नारे लगा रहे थे। 42 साल की महिला का नाम नीलम और 25 साल के पुरुष का नाम अनमोल शिंदे हैं। नीलम हरियाणा के हिसार की रहने वाली हैं और अनमोल शिंदे महाराष्ट्र के लातूर का रहने वाला है।