Uttarkashi Tunnel Rescue: उत्तरकाशी सुरंग के अंदर श्रमिकों को फंसे 14 दिन गुजर चुके हैं, लेकिन सुरंग के अंदर फंसे 41 श्रमिकों को निकालने लिए केंद्र और राज्य सरकार की तरफ से कोशिशें लगातार जारी हैं। सरकार की तरफ से मजदूरों को खाने-पीने और दवाइयां पहुंचाई जा रही हैं। साथ ही उनसे वक्त-वक्त पर बात करके उनका हाल-चाल भी लिया जा रहा है।
अब इसी बीच सरकार के निर्देश पर सुरंग के अंदर फंसे मजदूरों के लिए बीएसएनएल ने अपना काम शुरू कर दिया है। बीएसएनएल के काम करने का मकसद सीधा यही है कि मजदूर अपने परिवार के सदस्यों से फोन पर बात कर सकें। वहीं मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सुरंग में फंसे मजदूरों को मोबाइल फोन दिए गए हैं। जिससे वो अपना टाइम पास कर सकें।
बीएसएनएल के कर्मचारी कुंदन ने बताया कि सरकार के निर्देश पर यहां एक लैंडलाइन सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके लिए वायर बिछाने की कोशिश की जा रही है। इससे सुरंग में फंसे मजदूरों को लैंडलाइन (फोन) दिया जाएगा, ताकि वे अपने परिवार के सदस्यों से बात कर सकें।
बता दें, उत्तरकाशी की सिल्कयारा टनल में रेस्क्यू का काम इस वक्त रुक गया है। जिसके वजह से टनल में फंसे मजदूरों के परिजन और ज्यादा चिंतित हैं। अब रेस्क्यू ऑपरेशन कब शुरू होगा और कब तक सुरंग से लोगों को बाहर निकाला जा सकेगा, फौरी तौर पर इस पर अभी कुछ भी नहीं कहा जा सकता है।
अमेरिकी ऑगर मशीन बंद होने के बाद इंटरनेशलन टनलिंग एक्सपर्ट आर्नोल्ड डिक्स ने कहा, ‘अब से लेकर एक महीने तक का कुछ समय लग सकता है। सभी 41 लोग सुरक्षित घर वापस आएंगे। उन्होंने कहा, “मैं बिल्कुल नहीं जानता कि कब ऑपरेशन पूरा होगा। मेरा मतलब है कि हमें जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। हमें बस सबसे महत्वपूर्ण बात पर विचार करना चाहिए और वह यह है कि सभी मजदूर सुरक्षित घर आएं… मुझे विश्वास है कि वे क्रिसमस के लिए समय से घर होंगे।”
डिक्स ने आगे कहा कि शुरुआत से ही मैंने कभी वादा नहीं किया था कि यह जल्दी होगा, मैंने कभी वादा नहीं किया कि यह आसान होगा, मैंने कभी नहीं कहा कि यह कल पूरा हो जाएगा, मैंने कभी नहीं कहा कि यह आज रात खत्म होगा होगा…मैंने कहा कि वे सुरक्षित रहेंगे।