Shubman Gill Sara Tendulkar: क्रिकेट लीजेंड सचिन तेंदुलकर की बेटी सारा तेंदुलकर ने आखिरकार अपने वायरल डीप फेक फोटोज पर खुलकर बात की है। सारा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर X (Twitter) प्लेटफॉर्म से डीप फेक तस्वीरों पर एक्शन लेने की मांग की है। इसके साथ ही सारा ने यह भी पुष्टि की है कि उनका X पर कोई ऑफिशियल अकाउंट नहीं है और उनके डीप फेक को लोगों को मिसलीड करने के इरादे से क्रिएट किया जा रहा है।
सारा ने अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा, ‘एंटरटेनमेंट कभी भी सच्चाई की कीमत पर नहीं होना चाहिए। आइये ऐसी बातचीत को प्रोत्साहित करें जो विश्वास और वास्तविकता पर आधारित हो।’ बता दें कि हाल ही में X पर सारा की डीप फेक फोटो वायरल हुई थी, जिसके बाद सारा की तरफ से अब यह बयान आया है। सारा की डीप फेक फोटो में उन्हें भारतीय क्रिकेट शुभमन गिल (Shubhman Gill) के साथ दिखाया गया था जबकि ऑरिजिनल फोटो में सारा अपने भाई अर्जुन तेंदुलकर के साथ थीं।
बता दें कि सारा तेंदुलकर नाम का इस्तेमाल कर रहे कई अकाउंट मौजूद हैं। और हाल ही में एक ऐसे ही फेक अकाउंट को काफी पॉपुलेरिटी मिली और इसके फॉलोअर्स 2.5 लाख के पार पहुंच है। लेटेस्ट मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस फ्रॉड अकाउंट पर ना केवल सारा की डीप फेक फोटो शेयर की गईं बल्कि उनके नाम पर करीबी लोगों को मैसेज भी भेजे गए।
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डीप फेक को कलेकर चिंता जाहिर की थी। ‘Voice of Global South’ समिट में भी पीएम मोदी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित डीप फेक लर्निंग को देश के सामने मौजूद बड़ा खतरा बताया था। पीएम ने देश के नागरिकों और मीडिया से डीप फेक को लेकर जागरुक होने को कहा था ताकि डीप फेक जैसी बड़ी समस्या को हल किया जा सके। इसके अलावा पीएम ने खासतौर पर जिक्र किया कि ChatGPT की टीम को लोगों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध डीपफेक कॉन्टेन्ट की मौजूदगी के बारे में अलर्ट करना चाहिए।
बता दें कि पीएम मोदी का यह बयान हाल ही में अभिनेत्री रश्मिका मंदाना का एक डीपफेक वीडियो इंटरनेट पर वायरल होने के बाद आया। रश्मिका के अलावा, टाइगर-3 एक्ट्रेस कटरीना कैफ और काजोल के भी डीप फेक इंटरनेट पर देखे गए। रश्मिका का वीडियो वायरल होने के बाद आईटी मिनिस्टर राजीव चंद्रशेखर ने तुरंत पोस्ट करते हुए कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को इस तरह के वीडियो को एक्टिवली मॉनिटर करना चाहिए। प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारी है कि इस तरह के डीप फेक वीडियो को वायरल होने से रोकें ताकि किसी भी तरह की गलत सूचना लोगों तक ना पहुंचे।