इजरायल और हमास के बीच पिछले एक महीने से जारी जंग के बीच इन दिनों गाजा का सबसे बड़ा अस्पताल अल शिफा इन दिनों चर्चा में है। दोनों ओर से इसे लेकर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं। इस बीच इजरायल ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि हमास ने हमले के दौरान अपहरण कर बंधक बनाए गए लोगों को अक्टूबर में गाजा शहर के अल-शिफा अस्पताल में लाया गया था।
इजरायली सेना (IDF) ने एक वीडियो भी जारी किया है। यह वीडियो 7 अक्टूबर की सुबह 11 बजे के आसपास का है। जिसमें देखा जा सकता है कि शॉर्ट्स और हल्के नीले रंग की शर्ट पहने एक व्यक्ति को पांच हथियारबंद लोग एंट्री गेट की ओर खींच रहे हैं। वहीं, एक अन्य वीडियो क्लिप में देखा जा सकता है कि अंडरवियर में एक घायल व्यक्ति को सात लोग लादकर ले जा रहे हैं। जिनमें से कई हथियारबंद हैं।
EXPOSED: This is documentation from Shifa Hospital from the day of the massacre, October 7, 2023, between the hours of 10:42 a.m and 11:01 a.m. in which hostages, a Nepalese civilian and a Thai civilian, were abducted from Israeli territory are seen surrounded by armed Hamas… pic.twitter.com/a5udjBw4wF
इजरायली सेना के प्रवक्ता डैनियल हगारी ने दोनों व्यक्तियों को नेपाल और थाईलैंड का बताया। उन्होंने कहा कि यहां आप हमास को एक बंधक को अंदर ले जाते हुए देख सकते हैं। वे उसे अस्पताल के अंदर ले जा रहे हैं। सैन्य प्रवक्ता ने कहा कि हमने अभी तक इन दोनों बंधकों का पता नहीं लगाया है। हम नहीं जानते कि वे कहां हैं।
वहीं, दूसरी ओर गाजा के मुख्य अस्पताल से 31 प्रीमैच्योर शिशुओं को दक्षिण गाजा के एक अन्य अस्पताल में स्थानांतरित किया गया जहां से उन्हें मिस्र ले जाया जाएगा। अस्पताल परिसर में इजरायली बलों के प्रवेश के बाद गंभीर रूप से घायल सैकड़ों अन्य मरीज कई दिन से फंसे हुए हैं। शिफा अस्पताल की कुछ तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें चिकित्सक नवजात शिशुओं को गर्म रखने की कोशिश करते दिखाई देते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) प्रमुख ने सोशल मीडिया पर कहा कि 6 स्वास्थ्यकर्मियों और उनके परिवार के 10 सदस्यों के अलावा कई बीमार शिशुओं को निकाला गया। उन्होंने बताया कि उन्हें दक्षिणी गाजा शहर राफा के एक अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी देखभाल की जा रही है।
अस्पताल का शनिवार को दौरा करने वाली डब्ल्यूएचओ की एक टीम ने कहा कि 291 मरीज अब भी वहां हैं, जिनमें शिशु, गंभीर रूप से घायल मरीज और रीढ़ की हड्डी में चोट लगने से चलने-फिरने में अक्षम अन्य मरीज शामिल हैं। डब्ल्यूएचओ ने कहा कि लगभग 2,500 लोग शनिवार सुबह शिफा अस्पताल से निकले। इसने बताया कि मरीजों के साथ 25 चिकित्साकर्मी अभी अस्पताल में हैं।
एजेंसी ने शिफा को मृत्यु क्षेत्र बताते हुए कहा, ‘‘जिन मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों से उन्होंने बात की, वे अपनी सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर डरे हुए थे और उन्होंने वहां से निकलने की गुहार लगाई।’’ इजरायली सेना का आरोप है कि हमास के चरमपंथियों ने गाजा के शिफा अस्पताल में कमांड सेंटर स्थापित किया है और वह आम नागरिकों का ढाल की तरह इस्तेमाल कर रहा है, लेकिन हमास और अस्पताल के कर्मचारियों ने इन आरोपों को खारिज किया है।