By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept

Transport News

Latest News From Different Categories

  • Home
  • Transport
  • India
  • Business
  • World
  • Others
    • Insurance
Reading: Uttarakhand Tunnel Collapse: क्या हो सकती है हादसे की वजह? एक्सपर्ट से समझिए इससे कैसे बचा जा सकता था
Share
Sign In
Notification Show More
Aa
Transport NewsTransport News
Aa
Search
  • Home
    • Home 1
    • Default Home 2
    • Default Home 3
    • Default Home 4
    • Default Home 5
  • Categories
  • Bookmarks
  • More Foxiz
    • Sitemap
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
India

Uttarakhand Tunnel Collapse: क्या हो सकती है हादसे की वजह? एक्सपर्ट से समझिए इससे कैसे बचा जा सकता था

Admin
Last updated: 2023/11/16 at 11:46 AM
Admin
Share
4 Min Read
Uttarkashi Tunnel Accident | Tunnel Collapse in Uttarakhand | Uttarkashi Tunnel Accident Update
SHARE

उत्तरकाशी के सिलक्यारा स्थित टनल में फंसे 40 मजूरों को अभी तक निकाला नहीं जा सका है। आज रेस्क्यू ऑपरेशन का पांचवा दिन है लेकिन अभी भी यह कहना मुश्किल है कि टनल में फंसे मजदूरों को कब तक बाहर निकाला जा सकेंगा। सिलक्यारा टनल का हिस्सा आखिरी क्यों ढहा होगा, इसको लेकर इंडियन एक्सप्रेस ने बातचीत कि L&T के पूर्व प्रोजेक्ट डॉयरेक्टर मनोज गरनायक से। मनोज अंडर ग्राउंड कंस्ट्रक्शन में एक्सपर्ट हैं। आइए उनसे जानते हैं टनल के एक हिस्से की आखिरी क्या वजह रही होगी और इसे कैसे रोका जा सकता था।

जो हिस्सा धंसा है, वह टनल के मुंह से 200-300 मीटर की दूरी पर है। ऐसा चट्टान के ढीले हिस्से की वजह से हो सकता है। हो सकता है यह कंस्ट्रक्शन के दौरान दिखाई नहीं दिया हो। इस पैच में टूटी या कमजोर चट्टान शामिल हो सकती है, यानी बहुत सारे जोड़ों वाली चट्टान जिसने इसे कमजोर बना दिया होगा।

एक अन्य वजह ढीले पैच से पानी का रिसाव भी हो सकती है। पानी समय के साथ ढीले चट्टानी कणों को खत्म कर देता है, जिससे टनल के टॉप पर एक खाली जगह बन जाती है। इसे देखा नहीं जा सकता। हालांकि, ये सिरफ जनरल प्रिंसिपल्स हैं, और हमें इस मामले में जांच की रिपोर्ट का इंतजरा करना चाहिए।

इसके दो तरीके हैं। ड्रिल व ब्लॉस्ट मेथड (DBM) और टनल बोरिंग मशीनों के जरिए टनल बनाने के लिए चट्टान खोदी जाती हैं। DBM में चट्टान में सुराख किए जाते हैं और उनमें विस्फोटक भरा जाता है। जब इनमें विस्फोट किया जाता है तो चट्टान टूटकर बिखर जाती है।

टनल बोरिंग मशीन के जरिए सुरंग बनाने में DBM से ज्यादा खर्चा होता है लेकिन TBM ज्यादा सुरक्षित है। TBM सामने से चट्टान में बोर करती हैं। भारत में इंपोर्टेड TBM का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसी मशीनों की कीमत 200 करोड़ रुपये तक हो सकती है।

TBM का इस्तेमाल बहुत ऊंचे पहाड़ों में ड्रिलिंग के लिए नहीं किया जा सकता। TBM के जरिए 1,000-2,000 मीटर ऊंचाई वाले पहाड़ में जगह बनाने से चट्टान फट जाती है। TBM तब काम की होती है, जब चट्टान की हाइट 400 मीटर तक हो। दिल्ली मेट्रो के लिए अंडर ग्राउंड सुरंगें TBM के जरिए खोदी गई हैं। दूसरी तरफ, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड सहित हिमालय वाली जगहों पर, आमतौर पर DBM तकनीक का इस्तेमाल होता है।

जियोलॉजीकली हिमालय अभी भी युवा है (इनका निर्माण 40 मिलियन से 50 मिलियन साल पहले हुआ था) और इंडियन टेक्टोनिक प्लेट और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेट के बीच टकराव की वजह से ये अभी भी बढ़ रहे हैं। हिमालय में ऐसे कुछ पैच हैं, जहां चट्टान वास्तव में सुरंग के लिए बहुत नाजुक है। लेकिन बाकी जगहों पर चट्टान बहुत अच्छी है।

मैंने हिमालय रिजन में काम किया है और बड़ी समस्याओं का सामना किए बिना सुरंगें बनाई हैं। हमने बहुत छोटी विफलताओं का भी सामना किया है। इन दिक्कतों को सुरंग के टॉप को ठीक करके तुरंत ठीक कर लिया गया। इसलिए भले ही कुछ जगहों पर चट्टान टूटी या नाजुक हो लेकिन इसे ठीक करने के लिए टेक्निकल सॉल्यूशन भी मौजूद है। एक और बात यह कि सुरंगें किसी पहाड़ की इकोलॉजी प्रभावित नहीं करतीं। टनल बनाने की तकनीक करीब 200 साल पुरानी है और अगर इन्हें सही से इस्तेमाल किया जाए तो सुरंगें खतरनाक नहीं होती हैं।

You Might Also Like

क्या गहलोत-पायलट को राजस्थान की राजनीति से दूर कर रही कांग्रेस? संगठन में फेरबदल किस ओर करते हैं इशारा, जानिए

क्या इंडिया गठबंधन में सबकुछ ठीक नहीं? बंगाल में ममता सरकार को घेरने के लिए BJP के साथ खड़ी दिखी CPIM

West Bengal: ममता बनर्जी के आवास के पास विरोध-प्रदर्शन मामले में 55 महिलाओं को जमानत, 4 को पुलिस रिमांड पर भेजा गया, जानिए पूरा मामला

भारत ने स्वदेशी नौवहन प्रणाली विकसित की

12 नियुक्तियां और सिर्फ एक OBC! खड़गे की नई टीम राहुल गांधी की सियासत पर ना पड़ा जाए भारी

Sign Up For Daily Newsletter

Be keep up! Get the latest breaking news delivered straight to your inbox.
[mc4wp_form]
By signing up, you agree to our Terms of Use and acknowledge the data practices in our Privacy Policy. You may unsubscribe at any time.
Admin November 16, 2023 November 16, 2023
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article Nevelle roy Singham NewsClick मामले में ED का बड़ा एक्शन, अमेरिका के करोड़पति नेविल रॉय सिंघम को भेजा समन
Next Article Ashok Gehlot | Rajasthan Rajasthan Election: ’30 साल से गांधी परिवार का कोई PM नहीं बना, निशाना बनाना है तो हमें बनाएं’, गहलोत ने BJP पर बोला हमला
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Stay Connected

235.3k Followers Like
69.1k Followers Follow
11.6k Followers Pin
56.4k Followers Follow
136k Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

ashok gehlot | sachin pilot | congress | rajasthan |
क्या गहलोत-पायलट को राजस्थान की राजनीति से दूर कर रही कांग्रेस? संगठन में फेरबदल किस ओर करते हैं इशारा, जानिए
India December 24, 2023
Arabian Sea | Israel
अरब सागर में भारत की ओर बढ़ रहे इजरायली जहाज पर ड्रोन हमला: रिपोर्ट
World December 24, 2023
mamata banerjee | cpim | bjp | protest |
क्या इंडिया गठबंधन में सबकुछ ठीक नहीं? बंगाल में ममता सरकार को घेरने के लिए BJP के साथ खड़ी दिखी CPIM
India December 24, 2023
West Bengal | MAMATA BANRJEE | teaching job
West Bengal: ममता बनर्जी के आवास के पास विरोध-प्रदर्शन मामले में 55 महिलाओं को जमानत, 4 को पुलिस रिमांड पर भेजा गया, जानिए पूरा मामला
India December 24, 2023
Follow US
© 2023 Copyright. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?