Supreme Court Hearing on Pollution: दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण और राजधानी की खराब होती हवा पर चिंता जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को इसकी सुनवाई के दौरान दिल्ली और पंजाब सरकार से कहा कि हमें नतीजे चाहिए। ऑड ईवन पर सरकार फैसला करे। कोर्ट ने साफ तौर पर चेताया, “पराली जलाने पर हर हाल में रोक लगनी चाहिए। हर साल हमारे दखल देने के बाद ही इस पर काम होता है।”
कोर्ट ने पूछा कि सरकार इसका स्थायी समाधान क्यों नहीं निकाल पा रही है। कोर्ट ने कहा कि हम कोई विशेषज्ञ नहीं हैं, लेकिन हमें समाधान चाहिए। शुक्रवार की भोर में बारिश होने और हवा में प्रदूषण कुछ कम होने पर जस्टिस संजय किशन कौल का कहना है कि लोगों को सिर्फ प्रार्थना करनी है, कभी हवा आती है और मदद मिलती है, तो कभी बारिश होती है। उन्होंने कहा, ”भगवान ने लोगों की प्रार्थनाएं सुनी होंगी और हस्तक्षेप किया होगा, बारिश के लिए सरकार को धन्यवाद नहीं दूंगा।”
सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब में भी घटते भूजल पर चिंता जताई और कहा कि राज्य में धान की खेती चरणबद्ध तरीके से बंद करने की जरूरत है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “पंजाब में जल स्तर नीचे जा रहा है। हम वहां एक और रेगिस्तान नहीं चाहते। धान का उत्पादन चरणबद्ध तरीके से खत्म करने की जरूरत है।” सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह चाहता है कि खेतों में आग रुके। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “हमने एक पद्धति सुझाई, आप जैसा चाहें वैसा करें, लेकिन खेत की आग को रोका जाना चाहिए। खेत में आग रोकने के लिए कुछ आपातकालीन उपायों की आवश्यकता है।”
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और पंजाब सरकार से पूछा कि वे पंजाब में जलस्तर को बहाल करने के लिए धान को धीरे-धीरे समाप्त करने के लिए दीर्घकालिक उपाय के रूप में क्या कदम उठा रहे हैं।
इससे पहले प्रदूषण की स्थित पर दिल्ली सरकार में मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा, “दिल्ली की भूवैज्ञानिक स्थिति ऐसी है कि आस-पास के राज्यों से प्रदूषण का धुआं आता है। दिल्ली के आस-पास के राज्य प्रदूषण नियंत्रण नियमों का पालन नहीं करते हैं… दिल्ली में बसें CNG हो गई हैं, सभी थर्मल पॉवर प्लांट बंद हो गए हैं लेकिन आसपास के राज्यों में ऐसा नहीं है… सब राज्यों को कोशिश करनी पड़ेगी और केंद्र को भी भागीदारी देनी पड़ेगी…। “