अगले साल होने जा रहे लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी दलों के गठबंधन आईएनडीआईए (I.N.D.I.A.) पर हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के मुखपत्र सामना के संपादकीय में उन्होंने कहा, “अमित शाह को आईएनडीआईए गठबंधन की परवाह करने की जरूरत नहीं है… उन्हें पांच राज्यों के चुनावों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए…आईएनडीआईए गठबंधन के नेता सक्षम हैं…आईएनडीआईए गठबंधन 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए बना है…जिन राज्यों में चुनाव हैं वहां कांग्रेस नंबर वन पार्टी है…अगर हम विधानसभा चुनाव में बीजेपी को नहीं हराएंगे तो हम लोकसभा चुनाव की तैयारी कैसे करेंगे? …पांच राज्यों में चुनाव खत्म होने के बाद, आईएनडीआईए गठबंधन की बैठकें फिर से होंगी…।”
विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) में उठापटक के बीच शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने सोमवार को कहा कि यह गठबंधन केंद्र में ‘‘तानाशाही शासन’’ को खत्म करने के लिए बनाया गया लेकिन राज्यों में राजनीति अलग होती है। संपादकीय में विश्वास जताया गया है कि 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन जीतेगा। इस महीने पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव अगले साल के लोकसभा चुनावों के लिए ‘‘ड्रेस रिहर्सल’’ हैं।
इसमें कहा गया है कि जिन पांच राज्यों राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में चुनाव होने हैं, वहां कांग्रेस एक प्रमुख दल है। संपादकीय में कहा गया है, ‘‘कांग्रेस के लिए सत्ता के दुरुपयोग और धन के अहंकार को खत्म करने के वास्ते चुनाव जीतना महत्वपूर्ण है। यह इंडिया गठबंधन के लिए अहम साबित होगा।’’
मराठी दैनिक में कहा गया है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की चिंता वाजिब है। पिछले सप्ताह कुमार ने ‘आईएनडीआईए (INDIA)’ की सक्रियता थमने के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया था और कहा था कि देश की सबसे पुरानी पार्टी को फिलहाल पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में दिलचस्पी है तथा विपक्षी मोर्चे को आगे बढ़ाने की उसे चिंता नहीं है।
‘सामना’ में कहा गया है कि 28 विपक्षी दलों का गठबंधन बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले कुमार को अपनी चिंता सार्वजनिक रूप से व्यक्त नहीं करनी चाहिए क्योंकि इससे बीजेपी को खुशी होगी।