राजनीति का नियम है कि यदि आप किसी को तोड़ नहीं सकते हैं तो उसके जैसा ही किसी दूसरे का समर्थन ले लीजिए। चंद्रशेखर आजाद की भीम आर्मी की जबर्दस्त आलोचक मायावती के नेतृत्व वाली बहुजन समाज पार्टी को अब भीम आर्मी-जय भीम का समर्थन मिल रहा है। यह बहुत कम चर्चा में रहने वाला दल है।
फिलहाल पांच राज्यों में हो रहे चुनावों में चार में यह दल बहुजन समाज पार्टी का समर्थन कर रहा है। इस दल की खासियत यह है कि इसका न केवल चंद्रशेखर के नेतृत्व वाली भीम आर्मी से मिलता-जुलता नाम है, बल्कि दोनों दलों के ड्रेस गले में नीला दुपट्टा और पुरुषों की मुंछ भी एकसमान हैं।
भीम आर्मी-जय भीम की स्थापना दलित नेता मंजीत सिंह नोटियाल ने की थी, जो पहले चंद्रशेखर आजाद की भीम आर्मी के ही पूर्व उपाध्यक्ष थे। 12 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के फतेहपुर की एक जनसभा में मंजीत सिंह नोटियाल ने मायावती को देश का अगला प्रधानमंत्री बनाने की कसम खाई थी। कुछ महीनों पहले 32 वर्षीय नोटियाल और उनके दल के कुछ नेता हरियाणा के बीएसपी के कैडर कैंप में पार्टी राष्ट्रीय समन्वयक आकाश आनंद के साथ मंच भी साझा किये थे।
इस हफ्ते की शुरुआत में 32 वर्षीय नोटियाल ने राजस्थान के लिए अपने स्टार कैंपेनर की लिस्ट जारी कर दी, जहां उनका संगठन बीएसपी को सरकार बनाने में मदद कर रही है। इस दल का केंद्रीय कार्यालय दिल्ली में है और उनका दावा है कि 24 राज्यों में उनका क्षेत्रीय कार्यालय है। राजस्थान के अलावा, दल ने मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी स्टार कैंपेनरों के नामों का ऐलान किया है और कहा है कि तेलंगाना में भी जल्द कार्यकर्ताओं की नियुक्तियां की जाएंगी।