Delhi Air Pollution: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु गुणवत्ता का स्तर लगातार गिरता जा रहा है। जिसके चलते लोग खराब हवा में सांस लेने को मजबूर हैं। SAFAR-इंडिया के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार को औसत AQI 286 दर्ज किया गया, जो कि कल के 262 अंक से कुछ अंक ऊपर है, जो ‘बहुत खराब’ की श्रेणी से कुछ ही अंक दूर है।
SAFAR-India के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में समग्र वायु गुणवत्ता 286 AQI के साथ ‘खराब’ श्रेणी में है। नोएडा में वायु गुणवत्ता 255 AQI के साथ ‘खराब’ श्रेणी में और गुरुग्राम में वायु गुणवत्ता 200 AQI के साथ ‘मध्यम’ श्रेणी में है। केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली के एक बुलेटिन में कहा गया है, अगले छह दिनों के दृष्टिकोण से पता चलता है कि हवा की गुणवत्ता बहुत खराब और खराब के बीच रहने की संभावना है।
इस बीच, दिल्ली में सामान्य से कम तापमान का अनुमान लगाया जा रहा, क्योंकि पारा इस मौसम के सबसे निचले स्तर 15.2 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। 30 अक्टूबर तक न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है, जबकि अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा।
उत्तर प्रदेश में वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए सरकार जरूरी कदम उठा रही है। इसी क्रम में अब शहरों में वायु प्रदूषण पर अंकुश के लिए सरकार ने प्राधिकरण-परिषद को कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत अब शहरों में बिना ढके भवन का निर्माण नहीं कर सकेंगे। निर्माण सामग्री व मलबे को भी ढकना होगा।
वायु प्रदूषण पर नजर रखने के लिए विकासकर्ताओं को एक माह में निर्माण स्थलों पर एयर क्वालिटी मानीटरिंग सिस्टम भी लगवाना होगा। शहरों में बड़े पैमाने पर निर्माण कार्यों से निकलने वाली धूल से बढ़ते वायु प्रदूषण पर कड़ाई से अंकुश लगाने के लिए राज्य सरकार ने कड़े निर्देश जारी किए हैं।
आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के अपर मुख्य सचिव नितिन रमेश गोकर्ण की ओर से आवास आयुक्त के साथ ही विशेष क्षेत्र के अध्यक्ष, विकास प्राधिकरणों के उपाध्यक्ष और विनियमित क्षेत्र के जिलाधिकारियों को जारी शासनादेश में वायु प्रदूषण के प्रभावी रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।