गुजरात हाईकोर्ट में दो जस्टिसेज के बीच हुए विवाद में मामले ने नया रंग ले लिया। हालांकि चीफ जस्टिस ने बिना किसी कागजी कार्यवाही के मामले को रफा दफा कर दिया था। उन्होंने महिला जस्टिस के साथ हुए विवाद में उनके सीनियर को ज्यादा तवज्जो दी थी। ऐसा लग रहा था कि सीनियर जस्टिस के सामने उनकी कलीग को हार माननी ही पड़ गई। लेकिन फिर कुछ ऐसा हुआ कि सीनियर को महिला जस्टिस से सॉरी कहना पड़ा।
अहम बात है कि जिस तरह से सबके सामने बात का बतंगड़ बना था कुछ उसी अंदाज में मामले का पटाक्षेप भी हुआ। सीनियर जस्टिस को अपनी गर्दन बचाने के लिए ओपन कोर्ट में वकीलों के सामने महिला जस्टिस को सॉरी कहना पड़ गया। फिलहाल ये विवाद शांत होता लग रहा है।
विवाद सोमवार को तब शुरू हुआ जब जस्टिस बिरेन वैष्णव ने अपनी साथी जस्टिस मौना भट्ट को ओपन कोर्ट में लताड़ लगा दी। डबल बेंच में दोनों जस्टिस एक केस की सुनवाई कर रहे थे। जस्टिस बिरेन जब फैसला सुनाने वाले थे तभी मौना भट्ट ने उनके कान में कुछ कहा। जस्टिस बिरेन को उनकी हरकत नागवार गुजरी। मौना भट्ट ने तो अपनी बात उनके कान में कही थी। लेकिन बिरेन ने सबके सामने उनको लताड़ लगा दी। यही नहीं वो गुस्से में अपनी सीट से उठे और कोर्ट के बाहर चले गए। बाहर जाते समय वो बोले कि अब किसी केस की सुनवाई नहीं होगी।
मामला इतना तूल ना पकड़ता लेकिन हाईकोर्ट में सारे केसेज की लाइव स्ट्रीमिंग की जाती है। लिहाजा जस्टिस बिरेन वैष्णव के तीखे तेवर सोशल मीडिया पर पहुंच गए। लोगों ने तरह तरह से अपनी प्रतिक्रिया दी। लेकिन तकरीबन सभी बिरेन वैष्णव के रवैये की आलोचना कर रहे थे। चीफ जस्टिस को जैसे ही सारे मामला का पता चला उन्होंने पहले यूट्यूब से कोर्ट से जुड़े वीडियो को हटवाया और फिर मौना भट्ट को जस्टिस बिरेन वैष्णव की बेंच से हटा लिया। ऐसा लगा कि मामला शांत हो गया। लेकिन मामले से जुड़े लोगों का कहना है कि लोगों की प्रतिक्रिया को देख बार ने इस सारे मामले पर कड़ा एतराज जताया। उसके बाद तय हुआ कि जिस प्लेटफार्म (ओपन कोर्ट) पर महिला जस्टिस से अभद्र व्यवहार किया गया था माफी वहीं मांगी जाए।
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक यूट्यूब लिंक पर दिख रहा था कि सोमवार को हुए विवाद के बाद जस्टिस बिरेन और जस्टिस मौना अलग-अलग बेंच में बैठे थे। लेकिन उसके बाद वो फिर से एक साथ बैठे। जस्टिस बिरेन ने कहा- जो कुछ हुआ वो नहीं होना चाहिए था। इसके लिए सॉरी।