चाय के जाने माने कारोबारी पराग देसाई का रविवार शाम को एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। देसाई वाघ बकरी टी ग्रुप के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर थे। उनकी उम्र तकरीबन 49 साल थी। 15 अक्टूबर को मार्निंग वॉक के बाद जब वो घर लौट रहे थे तभी आवारा कुत्तों के एक झुंड ने उन पर हमला किया था। उसके बाद वो गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। उनका एक जाने माने अस्पताल में इलाज चल रहा था।
बताया जाता है कि कुत्तों के हमले में गिरने की वजह से पराग के सिर में गंभीर चोट आई थी। घर के बाहर एक सुरक्षा गार्ड ने उनके परिवार के सदस्यों को घटना के बारे में बताया। उसके बाद उन्हें शेल्बी अस्पताल ले जाया गया। शेल्बी अस्पताल में एक दिन की निगरानी के बाद उनको सर्जरी के लिए जाइड्स अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया। हालांकि, रविवार को इलाज के दौरान ब्रेन हैमरेज के कारण उनकी मौत हो गई। एक रिपोर्ट के मुताबिक सिर में आई चोट उनके लिए जानलेवा साबित हुई। चोट का इलाज करने की कोशिश हुई पर ये कामयाब नहीं हो सकी।
पराग देसाई ने अमेरिका की आईलैंड यूनिवर्सिटी से एमबीए किया था। वो अपने कारोबारी परिवार की चौथी पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करते थे। जब उन्होंने चाय के कारोबार को संभालना शुरू किया तो ग्रुप का मार्केट कैप 100 करोड़ रुपये से भी कम था। फिर उन्होंने ग्रुप को ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनको घूमने फिरने का खासा शौक था। वो अक्सर देश विदेश के ऐसे हिस्सों में घूमने के लिए जाते थे जो जगहें लीक से हटकर मानी जाती हैं।
वो वाइल्ड लाइफ को काफी पसंद करते थे। उन्होंने चाय के कारोबार को 1995 में जॉइन किया था। उनके दिशा निर्देशन में ग्रुप का मार्केट कैप 2 हजार करोड़ तक पहुंच गया। फिलहाल कंपनी भारत के 24 राज्यों के साथ 60 देशों के साथ चाय का कारोबार कर रही है। पराग कारोबार में खुद गहरी रुचि लेते थे। यही वजह थी उनके कार्यकाल के दौरान चाय के कारोबार ने दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की की थी।