Israel-Hamas War Live Update: पश्चिम एशिया में इजरायल और हमास के बीच युद्ध का दौर 14वे दिन भी जारी है। एक-दूसरे पर हमले से दोनों देशों के बीच जनहानि और सार्वजनिक संपत्ति की भारी बर्बादी हो रही है। इस बीच हमास के उग्रवादियों ने शुक्रवार को दो अमेरिकियों – एक महिला और उसकी किशोरी बेटी – को रिहा कर दिया। इजरायल की सरकार के मुताबिक दो सप्ताह पहले हमास ने दक्षिण इजरायल पर हमला कर दोनों को बंधक बना लिया था और गाजा ले गए थे। हमास की ओर से बंधक बनाई गई मां-बेटी के पास इजरायली नागरिकता भी है और दोनों पहले बंधक हैं जिन्हें हमास ने रिहा किया है। अब भी 200 से अधिक लोगों को हमास ने बंधक बनाकर रखा है। हमास ने कहा कि वह मानवीय कारणों से कतर सरकार के साथ एक समझौते के तहत उन्हें रिहा कर रहा है।
उधर, इज़राइल और हमास के बीच संघर्ष के बाद से ब्रिटेन की राजधानी लंदन में यहूदी विरोधी और ‘इस्लामोफोबिक’ घृणा अपराधों में वृद्धि दर्ज की गई है। स्कॉटलैंड यार्ड (लंदन महानगर पुलिस) के शुक्रवार को सामने आए आंकड़ों से यह खुलासा हुआ है। महानगर पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, एक से 18 अक्टूबर के बीच 218 यहूदी विरोधी अपराध हुए, जबकि पिछले साल इसी अवधि में मात्र 15 अपराध हुए थे।
गाजा पट्टी में फलस्तीनियों के साथ एकजुटता दिखाने और इजराइल की नाकाबंदी को समाप्त करने का आह्वान करने के लिए मुस्लिम देशों समेत कई जगहों पर हजारों लोगों ने प्रदर्शन किया। इराक में जॉर्डन से लगी सीमा पर, इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में, मिस्र में, तुर्किये की राजधानी अंकारा में और उसके सबसे अधिक आबादी वाले शहर इस्तांबुल में, मलेशिया और दक्षिण कोरिया में कई जगहों पर प्रदर्शनकारी जमा हुए। प्रदर्शनकारी घायल फलस्तीनियों और आश्रय चाहने वाले निवासियों की देखभाल करने वाले गाजा के एक अस्पताल में मंगलवार की रात हुए विस्फोट के मुद्दे को भी उठा रहे थे।
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कैलाश सत्यार्थी समेत नोबेल पुरस्कार से सम्मानित 29 हस्तियों ने इजराइल-फलस्तीन युद्ध में अपहृत किये गये बच्चों को तत्काल रिहा करने तथा उन्हें संघर्ष से बाहर आने के लिए सुरक्षित मार्ग देने की मांग की है। एक संयुक्त बयान में उन्होंने कहा कि हमास के नरसंहार तथा उसके बाद गाजा पर इजराइल की व्यापक बमबारी में बच्चों के मारे जाने से वे बिल्कुल स्तब्ध हैं। उन्होंने कहा, ‘‘आगामी सप्ताहों में लोगों की जान जाने का भीषण जोखिम है… फलस्तीनी बच्चे हमारे बच्चे हैं, इजराइली बच्चे हमारे बच्चे हैं। हम जो कर रहे हैं, यदि हम ऐसा ही करते हैं तो हम अपने आप को सभ्य नहीं कह सकते।’’
इजराइल के किबुत्ज में सात अक्टूबर को हमास द्वारा अचानक किए गए हमले में मारे गए 10 नेपाली छात्रों में से चार के शव रविवार को स्वदेश लाए जाएंगे। विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। जिस फार्म पर हमास ने हमला किया, वहां 17 नेपाली छात्र थे। इस घटना में दस नेपाली नागरिक मारे गए, छह भागने में सफल रहे जबकि एक अन्य लापता है। अधिकारी ने बताया, ‘‘इजराइल में हमास समूह द्वारा मारे गए 10 नेपाली छात्रों में से चार के शव रविवार को फ्लाई दुबई के उड़ान से काठमांडू के त्रिभुवन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लाया जाएगा।’’ उन्होंने बताया कि इजराइल सरकार ने चार छात्रों के शवों को पोस्टमार्टम के बाद नेपाल के दूतावास को सौंप दिया था।
इजरायल और हमास के बीच युद्ध 14वें दिन भी जारी है। दोनों तरफ से हमले होने से आम नागरिकों को काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है।