होम अप्लायंसेज की बात करें तो हमारी जुबान पर एक बार में टीवी, फ्रिज और वॉशिंग मशीन का नाम आ जाता है। हम कह सकते हैं कि हर घर में वॉशिंग मशीन एक बेसिक जरूरत बन गई है। सेमी-ऑटोमेटिक, फुली ऑटोमैटिक, टॉप-लोड या फ्रंट लोड- वॉशिंग मशीन कई कैटिगिरी में खरीदी जा सकती हैं। थॉमसन एक ऐसा ही एक ब्रैंड है जो लगातार देश में किफायती दाम में टीवी, वॉशिंग मशीन और एसी जैसे प्रोडक्ट लॉन्च कर रहा है। भारत में थॉमसन का ब्रैंड लाइसेंस SPPL के पास है। आज हम आपको लेकर आए हैं थॉमसन की वॉशिंग मशीन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में, जहां हम आपको दिखाएंगे कि घर-घर में यूज होने वाली वॉशिंग मशीन आखिर बनती कैसे है। चलिए हमारे साथ Inside Washing Machine Factory…
मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस में सबसे पहले से तैयार डिजाइन के हिसाब से वॉशिंग मशीन के मटीरियल को तैयार किया जाता है। इनमें वाल्व, स्विच बोर्ड, रेगुलेटर, पाइप, टब आदि शामिल हैं।
-हमने थॉमसन की पेरेंट कंपनी SPPL के CEO मिस्टर अवनीत सिंह मारवाह से भी बात की। उन्होंने बताया कि उनके ब्रैंड की वॉशिंग मशीन में इस्तेमाल होने वाले अधिकतर स्पेयर पार्ट्स मेड इन इंडिया ही हैं। उन्हें भारत में ही बनाया जा रहा है।
वॉशिंग मशीन की बॉडी को तैयार करने के बाद इंजेक्शन मोल्डिंग की मदद से प्लास्टिक पार्ट को जोड़ा जाता है।
असेंबली लाइन में वर्कर पार्ट्स को असेंबल करते हैं। इनमें मोटर पम्प, वॉल्व, पाइप और सेंसर को असेंबल किया जाता है। अब नेक्स्ट प्रोसेस में वायरिंग को अटैच किया जाता है। इसके बाद मशीन की बॉडी में वॉशिंग टब और स्पिन टब को अटैच किया जाता है। इसके बाद एक-एक करके सारे जरूरी दूसरे पार्ट्स मशीन में असेंबल करके इसे टेस्टिंग और चेकिंग से गुजारा जाता है।
टेस्टिंग के बाद वॉशिंग मशीन एक पैकिंग स्टेज पर पहुंच जाती है। जहां ऑटोमैटिक और मैनुअल जुगलबंदी के साथ वर्कर्स बाजार में दिखने वाली पैकिंग में वॉशिंग मशीन को पैक कर देते हैं। इसके बाद यह मशीन बाजार में बिकने को तैयार हो जाती है।
हमने थॉमसन के सीईओ अवनीत सिंह मारवाह से कोविड-19 पैनडैमिक के बाद कंज्यूमर बिहेवियर में आए बदलाव से जुड़ा सवाल भी पूछा। और जाना कि किस तरह ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म ने बिजनेस पर असर डाला है। उनका कहना है कि कोविड-19 के बाद वॉशिंग मशीन की जरूरत बढ़ी है। जब कोविड के समय घरों में हाउस हेल्प नहीं थे, लोगों को सभी काम खुद करने होते थे तो उन्हें वॉशिंग मशीन की अहमियत का पता चला। निश्चित तौर पर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आने से बिजनेस पहले से ज्यादा आसान हुआ है। और कंज्यूमर्स के लिए भी शॉपिंग करना पहले से ज्यादा ईजी हो गया है।