पाकिस्तान ने दावा किया है कि पठानकोट हमले के मास्टरमाइंड शाहिद लतीफ की हत्या एक आतंकी घटना है। उसका कहना है कि इसमें एक देश की खुफिया एजेंसी का पूरा हाथ है। पाकिस्तान ने मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार करने और उनसे अहम सबूत मिलने का भी दावा किया है। पाकिस्तान ने किसी देश का नाम नहीं लिया, लेकिन उसने कहा है कि वह कोर्ट में पूरा सबूत रखेगा कि घटना उस देश की खुफिया एजेंसी की पूरी साजिश है।
पाकिस्तान पुलिस का कहना है कि वह कोर्ट में इसको साबित कर देगा कि हमलावर एक देश की खुफिया एजेंसी की साजिश का हिस्सा थे और वे वहां पर पूरी प्लानिंग के तहत आए थे। पाकिस्तान के सिंध प्रांत की पुलिस अधिकारियों ने दावा किया है कि तीन लोगों की गिरफ्तारी के बाद उनके हाथ पुख्ता सबूत लगे हैं। तीनों गिरफ्तार लोगों को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
भारत में मोस्ट वांटेड आतंकी और पठानकोट हमले का मास्टरमाइंड शाहिद लतीफ का तीन दिन पहले 11 अक्टूबर को पाकिस्तान के सियालकोट की एक मस्जिद में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह भारत में लिस्टेड आतंकी था।
शाहिद तलीफ पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के गुजरांवाला का रहने वाला था। वो जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा हुआ था। वो सियालकोट सेक्टर का कमांडर था, जो भारत में आतंकवादियों को लॉन्च करने की निगरानी और आतंकवादी हमलों की योजनाएं बनाने में शामिल रहता था।
शाहिद लतीफ को 12 नवंबर, 1994 को गिरफ्तार किया गया था और भारत की जेलों में 16 साल की सजा काटने के बाद 2010 में वाघा के माध्यम से निर्वासित कर दिया गया था। 41 वर्षीय शाहिद लतीफ़ प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का सदस्य था और 2 जनवरी 2016 को हुए पठानकोट हमले का मुख्य साजिशकर्ता था।
उसने सियालकोट से हमले का समन्वय किया था और इसे अंजाम देने के लिए चार जैश-ए-मोहम्मद आतंकवादियों को पठानकोट भेजा था। गौरतलब है कि कि साल 2016 में जैश के आतंकियों ने पठानकोट के एयरबेस पर हमला कर दिया था। इसमें सात जवान शहीद हो गए थे।