G-20 समिट के बाद दिल्ली में 13 अक्टूबर को दो दिवसीय P-20 शिखर सम्मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। पी-20 समिट में G-20 देशों के अलावा अन्य देशों की संसद के अध्यक्ष और अंतराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। इस सम्मेलन का आयोजन दिल्ली के द्वारका स्थित इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर ‘यशोभूमि’ में हो रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में नौवें P20 शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि यह शिखर सम्मेलन दुनिया की संसदीय प्रथाओं का महाकुंभ है।
कार्यक्रम में 25 देशों के प्रिजाइडिंग ऑफिसर और G20 सदस्य देशों के 10 डिप्टी स्पीकर शामिल हुए। हालांकि खालिस्तान विवाद के बीच कनाडा की स्पीकर रेमोंडे गैग्ने कार्यक्रम में नहीं आईं। प्रधानमंत्री मोदी ने जी20 देशों की संसद के स्पीकर और संसदीय प्रतिनिधिमंडल के शिखर सम्मेलन में कहा कि जी20 की अध्यक्षता से पूरे साल भारत में गतिविधियां होती रहीं, चंद्रमा की सतह पर उतरने में भारत को मिली सलफता ने जश्न को और बढ़ा दिया।
#WATCH | At the 9th G20 Parliamentary Speakers’ Summit (P20), Prime Minister Narendra Modi says “India has been using EVMs for over 25 years now to increase transparency and efficiency during elections. In 2024, during the general elections, around 100 crore or 1 billion voters… pic.twitter.com/c3djyHKyPo
9वें जी20 संसदीय अध्यक्ष शिखर सम्मेलन (P20) में PM मोदी ने कहा, “अगले साल भारत में फिर एक बार आम चुनाव होने जा रहा है। मैं P20 शिखर सम्मेलन में आए आप सभी प्रतिनिधियों को अगले साल होने वाले आम चुनाव को देखने के लिए अग्रिम निमंत्रण देता हूं। भारत को आपकी फिर से मेज़बानी करने में बहुत खुशी होगी।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि आतंकवाद को लेकर हम सभी को सख्ती बरतनी होगी। आतंकवाद की परिभाषा को लेकर आम सहमति ना बन पाना बहुत दुखद है। आज भी UN इसका इंतजार कर रहा है। दुनिया के इसी रवैया का फायदा मानवता के दुश्मन उठा रहे हैं। दुनिया भर के प्रतिनिधियों को सोचना होगा की आतंकवाद के खिलाफ हम कैसे काम कर सकते हैं।
PM नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह समिट एक प्रकार से दुनिया भर की अलग-अलग संसदीय प्रथाओं का महाकुंभ है। आप सभी प्रतिनिधि अलग-अलग संसदीय कार्यशैली के अनुभवी हैं। आपका इतने समृद्ध लोकतांत्रिक अनुभवों के साथ भारत आना हम सभी के लिए बहुत सुखद है।
P-20 समिट G-20 से जुड़ा हुआ है। G-20 में शामिल तमाम देशों की संसदों के पीठासीन अधिकारी इस बैठक में शामिल होते हैं। यहां P का मतलब पार्लियामेंट है। इसके अलावा आमंत्रित देशों के पीठासीन अधिकारी भी इसमें हिस्सा लेते हैं। भारत की संसद की अध्यक्षता में जी-20 देशों की संसदों के अध्यक्ष तमाम मुद्दों पर चर्चा करेंगे। हर साल जी-20 के बाद ये पी-20 बैठक होती है। इस बार भारत इसकी मेजबानी कर रहा है।