Congress Caste Census: बिहार में जाति जनगणना सर्वे कराने और नतीजे घोषित होने के बाद अब विपक्षी कांग्रेस इसको अपने एजेंडे में शामिल कर लिया है। राजस्थान की अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने शनिवार 7 अक्टूबर 2023 को एक आदेश जारी कर जाति आधारित जनगणना कराने का ऐलान किया। राजस्थान में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं।
इस बीच पार्टी ने भाजपा शासित राज्यों में इसे नहीं कराए जाने पर पीएम मोदी पर निशाना साधा। पार्टी ने पूछा कि भाजपा सामाजिक न्याय और अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए इससे क्यों दूर भाग रही है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि जब ‘भारत जोड़ो यात्रा’ राजस्थान में थी, तब पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी नेता ने कई समुदायों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी और उसी वक्त अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के प्रतिनिधि मंडलों ने जाति आधारित गणना कराने की मांग की थी।
रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा,‘‘राहुल गांधी ने उनकी बातों को बहुत गंभीरता से लिया। उनकी भावनाओं के अनुरूप अब राजस्थान सरकार ने जाति आधारित गणना कराने का निर्णय किया है। यह स्वागत योग्य कदम है।’’कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘इससे विशेष रूप से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए नीतियां बनाने में मदद मिलेगी। सामाजिक न्याय सुनिश्चित करना और लोगों को उनकी आबादी के अनुसार अधिकार देना भी बहुत महत्वपूर्ण है।’’
रमेश ने कहा,‘‘सवाल यह है कि किसी भी भाजपा शासित राज्य में ऐसा कोई कदम क्यों नहीं उठाया जा रहा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जाति आधारित गणना के मुद्दे पर चुप क्यों हैं।’’
कांग्रेस देश भर में जाति आधारित गणना कराने की मांग कर रही है और इसे चुनावी मुद्दा बना रही है। बिहार के बाद जाति सर्वेक्षण कराने वाला राजस्थान देश का दूसरा राज्य होगा। राजस्थान में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं और चुनाव कार्यक्रम की घोषणा जल्द होने की उम्मीद है।
विधानसभा चुनाव के बाद लोकसभा चुनाव भी होने हैं। इसके चलते विपक्षी दलों का गठबंधन इस मुद्दे को उठाकर चुनावी मुद्दा बनाने जा रही है।