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Reading: Nobel Peace Prize: 13 बार गिरफ्तारी, पांच बार दोषी, 31 साल जेल…जानिए कौन हैं ईरान की नरगिस मोहम्‍मदी जिन्हें मिला शांति का नोबेल पुरस्कार
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Nobel Peace Prize: 13 बार गिरफ्तारी, पांच बार दोषी, 31 साल जेल…जानिए कौन हैं ईरान की नरगिस मोहम्‍मदी जिन्हें मिला शांति का नोबेल पुरस्कार

Admin
Last updated: 2023/10/07 at 12:33 PM
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4 Min Read
Nobel Peace Prize 2023 awarded | Iranian activist Narges Mohammadi | Narges Mohammadi
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Nobel Peace Prize 2023: जेल में बंद ईरानी मानवाधिकार कार्यकर्ता नरगिस मोहम्मदी को 2023 के नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उन्होंने अपने देश में महिलाओं के उत्पीड़न के खिलाफ लड़ाई और मानव अधिकारों और सभी के लिए स्वतंत्रता को बढ़ावा देने लिए काफी संघर्ष किया।

नोबेल पुरस्कार समिति के अनुसार, नरगिस मोहम्मदी के संघर्ष को जबरदस्त व्यक्तिगत कीमत चुकानी पड़ी है। उन्हें 13 बार गिरफ्तार किया गया, पांच बार दोषी ठहराया गया, और कुल 31 साल जेल और 154 कोड़ों की सजा सुनाई गई। इसमें कहा गया है, “नरगिस मोहम्मदी को पुरस्कार एक लंबी परंपरा का पालन करता है जिसमें नॉर्वेजियन नोबेल समिति ने सामाजिक न्याय, मानवाधिकार और लोकतंत्र को आगे बढ़ाने के लिए काम करने वालों को शांति पुरस्कार से सम्मानित किया है।”

अकादमी के अनुसार, शांति पुरस्कार विजेता अपने देश में नागरिक समाज का प्रतिनिधित्व करती हैं। उन्होंने कई वर्षों तक सत्ता की आलोचना की और नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करने के अधिकार को बढ़ावा दिया है। इसमें कहा गया है, “उन्होंने युद्ध अपराधों, मानवाधिकारों के हनन और सत्ता के दुरुपयोग का दस्तावेजीकरण करने का उत्कृष्ट प्रयास किया है… साथ में वे शांति और लोकतंत्र के लिए नागरिक समाज के महत्व को प्रदर्शित करती हैं।”

मानवाधिकार के क्षेत्र में किए कामों के लिए 51 साल की नरगिस को 2011 के बाद से कई बार जेल हुई है। नरगिस को ये पुरस्कार ईरान में औरतों के हक और मानवाधिकार की रक्षा को लेकर किए कामों के चलते दिया गया है। नरगिस ‘डिफ़ेंडर ऑफ़ ह्यूमन राइट्स सेंटर’ की उप प्रमुख हैं, जिसकी स्थापना नोबेल पुरस्कार जीत चुकीं शिरीन एबादी ने की थी।

2022 में नोबेल शांति पुरस्कार बेलारूस के मानवाधिकार अधिवक्ता एलेस बायलियात्स्की, रूसी मानवाधिकार संगठन मेमोरियल और यूक्रेनी मानवाधिकार संगठन सेंटर फॉर सिविल लिबर्टीज को प्रदान किया गया। 25 सितंबर 1962 को रूस के कारेलिया में जन्मे एलेस बिआलियात्स्की असल में बेलारूस मूल के हैं। उनके माता-पिता बेलारूस से थे, लेकिन अच्छी नौकरी की तलाश में रूस चले गए थे। उनका परिवार 1964 को बेलारूस लौटा और स्वेतलाहोर्स्क में बस गया। बिआलियात्स्की की पढ़ाई बेलारूस में ही हुई।

यह पुरस्कार उन लोगों को दिया जाता है, जिन्होंने पिछले साल मानव कल्याण के लिए कार्य किया है। 1895 में अल्फ्रेड नोबेल की वसीयत से इस पुरस्कार की स्थापना की गई थी। यह पुरस्कार 6 श्रेणियों -रसायन विज्ञान, भौतिकी, चिकित्सा विज्ञान, साहित्य, अर्थशास्त्र और शांति के क्षेत्र में दिया जाता है।

स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में 1833 में अल्फ्रेड नोबेल का जन्म हुआ था. उन्होंने 1867 में डाइनामाइट की खोज की थी, इस खोज से उन्होंने खूब नाम और पैसा कमाया था। 1833 में यह पुरस्कार स्वीडन के वैज्ञानिक अल्फ्रेड बर्नाड नोबेल की याद में नोबेल फाउंडेशन द्वारा दिया जाता है। अल्फ्रेड ने अपनी संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा एक ट्रस्ट को दे दिया था। वो चाहते थे कि इस पैसे के ब्याज से हर साल मानव जाति के कल्याण करने वाले लोगों को सम्मानित किया जाएगा।

नोबेल पुरस्कार 10 दिसंबर को अल्फ्रेड नोबेल की मृत्यु की सालगिरह पर विजेताओं को प्रदान किए जाते हैं। शांति पुरस्कार ओस्लो में नॉर्वेजियन नोबेल समिति के अध्यक्ष द्वारा प्रदान किया जाता है, जबकि अन्य पुरस्कार स्टॉकहोम के कॉन्सर्ट हॉल में स्वीडिश राजा द्वारा प्रदान किए जाते हैं।पहला नोबेल पुरस्कार 10 दिसंबर 1901 को दिया गया था। सबसे पहले यह पुरस्कार विल्हेम रॉन्टगन को एक्स-रे की खोज के लिए मिला था। यह भौतिकी क्षेत्र में पहला पुरस्कार था।

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Admin October 7, 2023 October 7, 2023
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