दिल्ली दंगों के आरोपी शाहरुख पठान को दिल्ली की एक कोर्ट ने एक मामले में जमानत दे दी है। पुलिस के मुलाजिम को जख्मी करने और एक शख्स रोहित शुक्ला को लगी गोली के मामले में ये जमानत मिली है। कोर्ट ने कहा कि शाहरुख लंबे समय से जेल में बंद है। जबकि दूसरे आरोपी इसी मामले में बेल पर रिहा हो चुके हैं। लिहाजा उसे भी जमानत देने में कोई परेशानी नहीं है। हालांकि शाहरुख अभी जेल में रहेगा। पुलिस के जवानों पर पिस्तौल तानने के मामले में उसे जेल की सजा काटनी होगी। ये केस अदालत में विचाराधीन है। इस मामले में भी उसने बेल की रिट लगा रखी है।
कड़कड़डूमा कोर्ट के एडिशनल सेशन जज अमिताभ रावत की कोई ने ये फैसला सुनाया। उसे जाफराबाद थाने में दर्ज FIR 49/2020 में जमानत मिली है। कोर्ट ने कहा कि पुलिस के जवानों पर पिस्तौल तानने के मामला दूसरा है। उसमें चल रही सुनवाई उस केस के साक्ष्यों के मुताबिक होगी।
इससे पहले बीते जनवरी माह में एक अदालत ने पठान को पिस्तौल बेचने के मामले में बरी कर दिया था। एडीजे अमिताभ रावत ने कहा था कि आरोपी बाबू वसीम के खिलाफ मामला अनुमान पर आधारित है। यह मानने का कोई आधार नहीं है कि आरोपी ने धारा 25 आर्म्स एक्ट के तहत अपराध किया है। उसे इस अपराध से बरी किया जाता है। हालांकि प्रासीक्यूशन ने कहा था कि पठान ने खुलासा किया था कि उसने बाबू वसीम से 2019 में 35 हजार रुपये का भुगतान करके एक पिस्तौल और 20 राउंड गोलियां खरीदी थी। लेकिन कोर्ट ने दलीलों को नहीं माना।
फरवरी 2020 में दिल्ली के उत्तरपूर्वी इलाके में सांप्रदायिक दंगे हुए थे। इनमें 53 लोग मारे गए। मरने वालों में 40 मुसलमान और 13 हिंदू थे। दंगों में कई घर, दुकान और धार्मिक स्थलों को भी नुकसान पहुंचा था। इसको लेकर दिल्ली की कई अदालतों के साथ हाईकोर्ट में केस चल रहे हैं।