मालदीव में सत्ता परिवर्तन हो चुका है। यहां हाल ही में हुए चुनाव में विपक्ष के उम्मीदवार मोहम्मद मुइज ने जीत हासिल कर निवर्तमान राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह को हरा दिया। मालदीव में हुए इस चुनाव को एक जनमत संग्रह के तौर पर देखा जा रहा था कि देश में भारत या फिर चीन में से किस क्षेत्रीय शक्ति का अधिक प्रभाव रहेगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मालदीव का राष्ट्रपति निर्वाचित होने पर मोहम्मद मुइज को बीते रविवार को बधाई दी। प्रधानमंत्री ने X पर पोस्ट कर कहा कि भारत समय की कसौटी पर खरे उतरे भारत-मालदीव के द्विपक्षीय संबंध को मजबूत करने और हिंद महासागर क्षेत्र में सहयोग को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
बुधवार को मालदीव में भारत के राजदूत ने देश के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज से मुलाकात कर उन्हें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का शुभकामना संदेश सौंपा। मालदीव में भारतीय उच्चायुक्त मुनू महावर ने कहा कि भारत द्विपक्षीय संबंधों को और आगे बढ़ाने के लिए मालदीव के नए नेतृत्व के साथ सार्थक चर्चा के लिए उत्सुक है।
मुइज ने मालदीव राष्ट्रपति पद के चुनाव में भारत-समर्थक इब्राहिम मोहम्मद सोलिह को हराया है। मुइज मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन के करीबी सहयोगी हैं, जिन्होंने 2013 से 2018 तक राष्ट्रपति पद पर रहने के दौरान चीन के बेहद करीब हो गए थे।
राष्ट्रपति चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद मुइज ने कहा, “…नतीजे के साथ हमें देश के भविष्य का निर्माण करने का मौका मिला है। मालदीव की आजादी सुनिश्चित करने की ताकत मिली है। यह वक्त अपने मतभेदों को दूर रखने और एकजुट होकर काम करने का है। हमें एक शांतिपूर्ण समाज की आवश्यकता है।”
मुइज की पार्टी के एक शीर्ष अधिकारी मोहम्मद शरीफ ने कहा कि चुनाव परिणाम परिणाम हमारे लोगों की देशभक्ति को दर्शाता है। यह हमारे सभी पड़ोसियों और द्विपक्षीय साझेदारों से हमारी स्वतंत्रता एवं संप्रभुता का पूरा सम्मान करने का आह्वान करता है।
राष्ट्रपति पद के लिए सितंबर की शुरुआत में हुए मतदान के पहले चरण में मुख्य विपक्षी उम्मीदवार मुइज और मौजूदा राष्ट्रपति सोलिह में किसी को भी 50 फीसदी से ज्यादा वोट नहीं मिल पाए थे। सोलिह 2018 में पहली बार राष्ट्रपति निर्वाचित हुए थे। वह दूसरे कार्यकाल के लिए फिर से चुनाव मैदान में उतरे थे और मुइज के इन आरोपों से जूझ रहे हैं कि उन्होंने भारत को देश में अनियंत्रित मौजूदगी की अनुमति दी थी।
मुइज की पार्टी ‘पीपुल्स नेशनल कांग्रेस’ को चीन समर्थक माना जाता है। सोलिह का कहना है कि मालदीव में भारतीय सेना की मौजूदगी सिर्फ और सिर्फ दोनों सरकारों के बीच हुए एक समझौते के तहत पोतगाह निर्माण के लिए है और इससे उनके देश की संप्रुभता को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा।
मुइज ने वादा किया था कि अगर वह चुनाव जीत जाते हैं, तो मालदीव में मौजूद भारतीय सैनिकों को वापस भेजेंगे और देश के कारोबारी संबंधों को संतुलित करेंगे। उनका कहना है कि वर्तमान में कारोबारी संबंध भारत के पक्ष में हैं। पेशे से इंजीनियर रहे मुइज सात साल तक आवास मंत्री रहे। जब उन्हें राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के लिए नामित किया गया, तो उस समय वह राजधानी माले के मेयर थे। (इनपुट- AP / भाषा)