पंजाब के फाजिल्का जिले की एक अदालत ने 2015 के ड्रग्स मामले में कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा को शनिवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अधिकारियों ने बताया कि कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सुखपाल खैरा को शनिवार को दो दिन की पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद जलालाबाद की अदालत में पेश किया गया। भोलाथ विधायक सुखपाल खैरा को गुरुवार को उनके चंडीगढ़ स्थित आवास से गिरफ्तार कर लिया गया था। सुखपाल सिंह खैरा ने इस मामले को लेकर कहा है कि उनके साथ ऐसा सिर्फ बदले की भावना से किया जा रहा है। उन्होंने राघव चड्डा की शादी को लेकर कहा कि साफ दिखाई दे रहा है आम आदमी कैसे खास हो जाता है।
सुखपाल सिंह खैरा के खिलाफ 2015 में में फाजिल्का ज़िले में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। खैरा तब कांग्रेस पार्टी का हिस्सा थे और यह मामला राज्य में अकाली-भाजपा शासन के तहत दायर किया गया था। हालांकि बाद में 2015 में खैरा आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए थे। सुखपाल सिंह खैरा को पहली बार गिरफ्तार नहीं किया गया है, वह पहले भी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इससे पहले उन्हें 2021 में ड्रग्स से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में ईडी ने गिरफ़्तार किया था।
सुखपाल सिंह खैरा ने आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ आरोप लगाए और कहा कि यह बदले की भावना से किया जा रहा है। इसके अलावा भी कुछ दूसरे मामले हैं जिन्हें इस दावे के साथ जोड़कर देखा जा सकता है। इस सप्ताह सरकार पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल के खिलाफ भी कार्रवाई में जुट गई है, वह गलत भूमि आवंटन के मामले में आरोपी हैं। विजिलेंस ब्यूरो द्वारा लुकआउट सर्कुलर निकाले जाने के बाद बठिंडा अदालत ने मंगलवार को उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। जिस तरह से पुलिस पांच राज्यों में बादल के आवासों और सहयोगियों पर छापेमारी कर रही है उससे प्रतिशोध की चर्चा हवा में घुलने लगी है।
इसे दोस्तों के दुश्मन बनने की कहानी से भी जोड़ा जा रहा है। मनप्रीत बादल की अब लगभग खत्म हो चुकी पंजाब पीपुल्स पार्टी के जरिए ही भगवंत मान राजनीति में एंट्री की थी। इस ही तरह खैरा जो अब कांग्रेस में हैं, पहले आप में थे और इस ही केस में 2017 में भगवंत मान ने उनका बचाव भी किया था।
हालांकि भगवंत मान ने बदले की भावना और जानबूझ कर कार्रवाई से इनकार करते हुए हुआ कहा कि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ युद्ध लड़ रहे हैं, और जिसने भी पंजाब और उसके लोगों को लूटा है उसे सलाखों के पीछे डाल दिया जाएगा। दिलचस्प बात यह है कि जब खैरा ने घर और फाजिल्का कोर्ट के बाहर दोनों जगह मान सरकार के खिलाफ माइक उठाया, तो पंजाब पुलिस के पुलिसकर्मी असहाय होकर देखते रहे।