लैंड फॉर जॉब (Land For Job Case) मामले में सीबीआई की चार्जशीट पर राउज एवेन्यू कोर्ट ने संज्ञान लिया है। कोर्ट ने बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव और उनके पिता व पूर्व रेलमंत्री लालू यादव लालू यादव को समन जारी किया है। जानकारी के अनुसार राउज एवेन्यू कोर्ट ने 4 अक्टूबर को सभी को आरोपी के तौर पर अदालत में पेश होने का आदेश दिया है।
कोर्ट ने लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव समेत 17 आरोपियों के खिलाफ समन जारी किया है। सभी को 4 अक्टूबर को कोर्ट में पेश होने को कहा है। लालू यादव इस मामले में अभी जमानत पर बाहर हैं। लैंड फॉर जॉब्स केस में तेजस्वी यादव के खिलाफ चार्जशीट भी कोर्ट ने मंजूर कर ली है। CBI ने पहली बार बिहार के डिप्टी CM को आरोपी बनाया है। अब उनके खिलाफ भी केस चलेगा।
कोर्ट के आदेश के बाद तेजस्वी यादव ने कहा कि ये कोई पहला और आखिरी मामला नहीं है। ये सब चलता रहेगा। हमें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। इन सब मामलों में कोई दम नहीं है। इससे पहले 12 सितंबर को लालू प्रसाद यादव पर केस चलाने की इजाजत गृह मंत्रालय ने दे दी थी। गुरुवार को CBI ने कोर्ट को बताया था कि तीन रेल अधिकारियों के खिलाफ भी केस चलाने की इजाजत गृह मंत्रालय से मिल गई है। रेल अधिकारी मनदीप कपूर, मनोज पांडे, डॉ पीएल बंकर के खिलाफ केस चलाने की परमिशन मिली है।
घोटाले के मामले में जांच एजेंसी की ओर से दाखिल किए गए पहले आरोप पत्र में बिहार के उपमुख्यमंत्री और लालू यादव के बेटे तेजस्वी यादव का नाम नहीं था। सीबीआई ने दूसरे आरोप पत्र में तेजस्वी का नाम जोड़ा था। इस तरह एजेंसी ने अब तक लालू परिवार समेत कुल 14 लोगों के नामों का आरोप पत्र में उल्लेख किया है। जांच एजेंसी सीबीआई ने 18 मई 2022 को लालू प्रसाद और उनकी पत्नी राबड़ी देवी, दो बेटियों और अज्ञात लोक सेवकों और निजी व्यक्तियों सहित 15 अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
आरोप है कि केंद्रीय रेल मंत्री रहने के दौरान लालू प्रसाद यादव ने 2004 से 2009 के बीच जिन लोगों को नियमों में ढिलाई करते हुए डी ग्रुप की नौकरियां दी गई थीं और उनसे इसके एवज में जमीनें ली गईं। जिन लोगों को नौकरी दी गई उनसे लालू परिवार के सदस्यों के नाम पर पटना, मुंबई समेत अन्य शहरों में बेशकीमती जमीन लिखवाई गई। सीबीआई ने इस मामले में 18 मई को केस दर्ज किया था।