कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने महिला आरक्षण बिल को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने इस बिल से दो प्रावधानों को हटाने की मांग की है। राहुल गांधी ने कहा कि इस बिल में कहा गया है कि पहले जनगणना होगी और फिर परिसीमन होगा, उसके बाद ही आरक्षण लागू किया जाएगा।
राहुल गांधी ने मांग की कि यह दोनों प्रावधान हटाया जाए ताकि जल्द से जल्द इस बिल को लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि अगर सरकार चाह ले, तो यह बिल तुरंत लागू हो सकता है और आने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनाव में महिलाओं के लिए 33% से अधिक सीट रिजर्व हो सकती है, लेकिन सरकार की मंशा यह नहीं है। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार ने स्पष्ट किया कि पहले पर परिसीमन होगा और जनगणना होगी, फिर यह बिल लागू होगा। उन्होंने कहा कि 10 साल बाद यह बिल लागू हो सकता है और उसके बाद लागू भी होगा या नहीं होगा, इसके बारे में भी किसी को कुछ नहीं पता है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी से एक पत्रकार ने पूछा कि 2010 में जो बिल कांग्रेस लेकर आई थी, उसमें ओबीसी कोटा नहीं दिया था। क्या उसको लेकर आपको कोई पछतावा है? इसके जवाब में राहुल गांधी ने कहा कि हां मुझे 100% पछतावा है और उसी समय कांग्रेस को यह कर देना था।
राहुल गांधी ने मोदी सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा, “ऐसा क्या है जिससे आपका ध्यान हटाया जा रहा है? ओबीसी जनगणना से? मैंने संसद में एक संस्था के बारे में बात की, जो भारत सरकार चलाती है – कैबिनेट सचिव और सचिव। मैंने पूछा कि केवल 90 सचिव में से केवल तीन ही ओबीसी क्यों हैं? मुझे समझ नहीं आता कि पीएम मोदी हर दिन ओबीसी की बात करते हैं लेकिन उन्होंने उनके लिए क्या किया?”