सड़क दुर्घटना मामले का लोक अदालत में 48 लाख क्षतिपूर्ति का अब तक का सबसे बड़ा समझौता

बैतूल । 25 जून को आयोजित नेशनल लोक अदालत में सड़क दुर्घटना में मृत्यु के एक मामले में फरियादी और बीमा कंपनी के बीच 48 लाख रुपए की क्षतिपूर्ति राशि का समझौता हुआ है । जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरएन चौधरी के न्यायालय में दोनों पक्षों के बीच यह सहमति बनी ।
क्षतिपूर्ति राशि का लोक अदालत में सबसे अधिक राशि का यह मामला है । अभी तक इतनी राशि बतौर क्षतिपूर्ति भुगतान किए जाने पर जिले में लोक अदालत में सहमति नहीं बनी है ।
जानकारी के अनुसार वेस्टर्न कोल फिल्ड्स लिमिटेड पाथाखेड़ा में ओवरमेन के पद पर पदस्थ रामनाथ सूर्यवंशी को 30 जनवरी 2015 को ट्रक क्रमांक- एमपी-09-केडी-4879 के चालक रामविलास ने तेजी एवं लापरवाही से चलाकर डब्ल्यूसीएल बेरियर के पास टक्कर मार दी थी । इससे रामनाथ सूर्यवंशी की मृत्यु हो गई थी ।
इसके पश्चात रामनाथ की पत्नी अलका, पुत्र आकाश और पुत्री अदिति ने वाहन चालक रामविलास, मालिक एवं बीमा कंपनी मेग्मा एचडीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी के विरूद्ध मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में 1 करोड़ रुपए से अधिक की राशि की क्षतिपूर्ति हेतु अधिवक्ता अजयसिंह चौहान, प्रवीण पांडे और सुरेश राकसे के माध्यम से प्रकरण प्रस्तुत किया था ।
25 जून को हुई नेशनल लोक अदालत में जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरएन चौधरी के न्यायालय में इस मामले में दोनों पक्षों के बीच 48 लाख रुपए की क्षतिपूर्ति राशि के भुगतान को लेकर समझौता हो गया ।
बीमा कंपनी की ओर से अधिवक्ता बीके पांडे, मनीष शुक्ला और विनोद टेकाड़े ने पैरवी की । यह बैतूल जिले में लोक अदालत में हुआ सबसे अधिक राशि का समझौता है । इस समझौते पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री चौधरी ने भी प्रसन्न्ता व्यक्त की ।

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