पाकिस्तानी सत्ता में ड्राइविंग सीट लेना चाह रहे हैं सेनाध्यक्ष बाजवा, चीन में इमरान संग की शीर्ष नेताओं से मुलाकात



बीजिंग। आतंकी फंडिंग और उनकी सरपरस्ती को लेकर पाकिस्तान दुनियाभर में आलोचनाओं का शिकार होने के बाद अब वहां की सत्ता पर घर में खतरा मंडराने लगा है। पाकिस्तान पहले से ही सैन्य शासन के लिए कुख्यात है और दोबारा इसकी संभावनाएं प्रबल हो रही हैं। ऐसा चीन में चल रही पाकिस्तानी प्रतिनिधियों की बैठक के बाद कहा जा रहा है।
चीन के दौरे पर इमरान के साथ बाजवा
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान चीन के दौरे पर पहुंचे हैं। इस दौरान पाक सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा भी उनके साथ इस यात्रा पर पहुंचे हैं। विशेषज्ञों का कहना कि स्पष्ट तौर पर पाकिस्तानी सेना विदेश नीतियों में भी दखल दे रही है। पहले अर्थव्यवस्था में दखल देने के लिए कारोबारियों से मीटिंग करने वाले बाजवा के मसूंबे पाकिस्तानी सत्ता की ड्राइविंग सीट पर विराजमान होने की फिराक में है।
चीन के शीर्ष नेताओं के साथ बाजवा की मुलाकात
चीन दौरे पर पहुंचे बाजवा ने वहां के शीर्ष नेताओं से मुलाकात की और कई अहम बैठकों में भी शिरकत की। अब ये अटकलें तेज हो गई हैं कि बाजवा पाकिस्तानी सरकार के कामकाम में ज्यादा से ज्यादा हस्तक्षेप कर रहे हैं। हाल ही में जनरल बाजवा के कार्यकाल में तीन साल का विस्तार पाने हुआ। इसके बाद से बाजवा अब सरकार के कामकाज और फैसलों में काफी काफी दिलचस्पी ले रहे हैं।
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पाक में तीन बार हो चुका है सैन्य तख्तापलट
आपको बता दें कि वर्ष 1947 के बाद से पाकिस्तान में तीन बार सैन्य तख्तापलट हो चुका है। सिर्फ चीन दौरा ही नहीं, हाल ही में संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के दौरान भी जनरल बाजवा के साथ ISI के चीफ लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद भी इमरान के साथ अमरीका पहुंचे थे।

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